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Saturday, April 26, 2008

हिंदी पत्रकारिता विभाग की दो-तीन बातें...

आईआईएमसी प्रवेश परीक्षा के पिछले कुछ सालों के सवालों पर गौर किया जाए तो किसी भी छात्र से तीन-चार चीजें जानने की कोशिश की जाती है. एक तो ये कि आपके पास करेंट अफेयर्स की कितनी और कैसी जानकारी है. करेंट अफेयर्स में हाल के मुद्दों (अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी, ओलंपिक मशाल का विरोध, नेपाल में माओवादियों की जीत...) से लेकर हालिया चर्चित शख्सियतों (अंसार बर्नी, बराक ओबामा, बाबा आम्टे) के बारे में भी पूछा जा सकता है. करेंट अफेयर्स का कोई सिर-पैर नहीं होता सो सिंगुर से लेकर सिंगापुर तक के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार रहिए.
 
देखा यह गया है कि करेंट अफेयर्स पर ज्यादा जोर रहता है और इसमें बीस-पच्चीस शब्दों से लेकर दो-ढाई सौ शब्दों तक के जवाब मांगे जाते हैं. इसलिए करेंट अफेयर्स से जुड़ी चीजों से न सिर्फ आपको अवगत होना होगा बल्कि साथ ही आपको इन चीजों की मुकम्मल जानकारी भी होनी चाहिए तभी आप इनका जवाब एक-दो लाइन से लेकर एक-दो पन्नों में आसानी से दे पाएंगे.
 
करेंट अफेयर्स के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा अखबार पढ़ना (सिर्फ देखना नहीं) चाहिए. राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों तक को पढ़ना-समझना चाहिए. कुछेक ऐसी पत्रिकाओं को भी पढ़ें जिसमें देश-दुनिया में हुए घटनाक्रमों का संकलन हो. टीवी देखें, जहां आपको खबरें (!) देखने का मौका मिलता हो और रेडियो भी सुनें. बीबीसीहिंदीडॉटकॉम, वेबदुनियाडॉटकॉम वगैरह भी मददगार साबित हो सकते हैं. इन वेबसाइटों पर आप पुराने मुद्दों और खबरों को भी सर्च कर पढ़ सकते हैं.

 

आईआईएमसी के सवालों में यह भी देखा गया है कि मीडिया से जुड़े सवाल भी पूछे लिए जाते हैं. मसलन फलां पत्रकार किस मीडिया ग्रुप से जुड़ा हुआ है? फलां चैनल/ अखबार/ न्यूज एजेंसी किस देश से संबंधित है?
 
मीडिया से जुड़े कई आलोचनात्मक सवाल भी पूछे जाते हैं. यह भी पूछा जा सकता है कि क्या पत्रकारिता अब मिशन न होकर प्रोफेशन भर रह गई है? टीआरपी, पेज थ्री, न्यूज मतलब इन्फोटेनमेंट, चैनलों में अपराध-कथाओं का जोर, चैनलों में भूत-प्रेत, ज्योतिष का दिखाया जाना....इन मुद्दों पर आपकी बेबाक राय मांगी जा सकती है.
 
ऐसे सवालों के लिए भी तैयार रहिए कि आपको कौन-सा अखबार/ न्यूज चैनल अच्छा लगता है और क्यों? कौन-सा टीवी एंकर आपको प्रभावित करता है और क्यों? एक बेहद पिटा-पिटाया सवाल भी पूछा जा सकता है कि आप पत्रकारिता में क्यों आना चाहते हैं? (यह सवाल आपको आईआईएमसी के एंट्रेंस-इंटरव्यू से लेकर आईआईएमसी के क्लासरूम तक आपका पीछा करेगा यहां तक कि जब आप नौकरी के लिए इंटरव्यू में जाएंगे तो बहुत उम्मीद है कि सामने वाले का पहला सवाल यही होगा!)

 

कुछ पारंपरिक लेकिन मनपसंद सवाल भी पूछे जाते हैं. मसलन-हालिया देखी किसी फिल्म की समीक्षा करें. किसी उपन्यास/ किताब/ कहानी की समीक्षा करने को भी कहा जा सकता है. आपके पसंदीदा टीवी या फिर रेडियो प्रोग्राम के बारे में भी पूछा जा सकता है. पसंदीदा टीवी एड या फिर रेडियो जिंगल के बारे में भी लिखने को कहा जा सकता है. इन सभी चीजों के लिए एक मोटा-मोटी तैयारी करके चलना चाहिए.
 
जैसे कि अगर फिल्म की समीक्षा पूछी जाए तो पहले से तैयार रहें कि आप किस फिल्म पर लिखना चाहेंगे. ऐसा न हो कि परीक्षा-केंद्र में आप चार-पांच मिनट इसी उधेड़बुन में जाया कर दें कि किस फिल्म पर लिखूं. मेरी राय है कि इश्कबाजी वाली फिल्मों के बजाय चर्चित फिल्मों पर लिखें मसलन- तारे जमीं पर, खुदा के लिए, शौर्य, चक दे इंडिया. संभव है कि आपकी पसंद का कोई टीवी पर प्रसारित होने वाला समाचार या मनोरंजक कार्यक्रम इस सवाल में विकल्प के तौर पर रखा गया हो.
 
संस्मरण के बारे में भी पूछे जाते हैं. जैसे कि घर से परीक्षा केंद्र तक का सफर, रेल या हवाई यात्रा, किसी मेले या पिकनिक के बारे में भी पूछा जा सकता है. बाढ़, हादसा, आगजनी जैसी घटनाओं का आंखों देखा हाल भी लिखने को कहा जा सकता है. किताब और किताब लेखकों पर भी सवाल होते हैं.
 
साथ ही फुल फॉर्म (नाबार्ड, कपार्ट...) लिखने के लिए भी कहा जाता है. ऐसे जितने ज्यादा से ज्यादा ऑब्जेक्टिव सवाल आप हल करेंगे आपको ज्यादा से ज्यादा स्कोर मिलेगा.

 

और अंत में दो-तीन बातें...
 
कम लिखें लेकिन सटीक लिखें. भाषा बोलचाल की हो तो बढ़िया. लिखने में वर्तनी और स्त्रीलिंग-पुल्लिंग की गलतियों से बचें. परीक्षा केंद्र में जाने से पहले ही घर पर लिखने की तैयारी करें. केवल पढ़ने से काम नहीं चलेगा. जितना पढ़ें उससे ज्यादा लिखें. लिखने के बाद फिर उसे पढ़ें, गलतियां ढूंढें और फिर उसे सुधारें. टाइम मैनेजमेंट सीखें. कम समय में ज्यादा सवालों के जवाब देने होते हैं और शब्द-सीमा का बंधन भी होता है.
 
आईआईएमसी में हालांकि सीटें कम हैं और भीड़ ज्यादा लेकिन मेरा तो यही मानना है कि आपको तो सिर्फ एक सीट से मतलब है.
 
सो उठो, पढ़ो, लिखो और (आईआईएमसी को) हासिल कर लो.

 

शुभकामनाओं के साथ,

संदीप कुमार, आजतक

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